बिजनेस
महज 20 हजार रुपये के शुरुआती निवेश और बेसिक रिपेयरिंग टूलकिट के साथ इस काम को घर या छोटी दुकान से शुरू किया जा सकता है.
गांव-देहात में आजकल कमाई के कई नए और शानदार मौके बन रहे हैं. अक्सर लोग सोचते हैं कि कोई बड़ा बिजनेस शुरू करने के लिए लाखों रुपये की जरूरत होती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. अगर आप सिर्फ 20 हजार रुपये का बजट लगाकर एक ऐसा काम शुरू करें, जिसकी जरूरत गांव के हर छोटे-बड़े इंसान को है, तो आप हर महीने बेहतरीन कमाई कर सकते हैं. हम बात कर रहे हैं 'मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग सेंटर' की.
आज के समय में गांव-गांव तक स्मार्टफोन, टीवी, पंखे, टॉर्च और होम थिएटर पहुंच चुके हैं. छोटे से छोटे काम के लिए लोग मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन दिक्कत यह है कि जब भी किसी का फोन खराब होता है, डिस्प्ले टूटती है, चार्जिंग सॉकेट खराब होता है या घर का कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान बंद पड़ता है, तो उन्हें इसे ठीक कराने के लिए 10-15 किलोमीटर दूर शहर जाना पड़ता है.
शहर जाने में लोगों का पूरा दिन और आने-जाने का किराया अलग से बर्बाद होता है. ऐसे में अगर आप यह सर्विस उनके अपने गांव में ही दे दें, तो हर ग्राहक खुशी-खुशी आपके पास ही आएगा.
इस बिजनेस की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे शुरू करने के लिए आपको कोई बड़ी दुकान या महंगा ढांचा नहीं चाहिए. आप इसे गांव के चौक-चौराहे पर एक छोटी सी दुकान किराए पर लेकर या अपने घर के बाहर एक कमरे से भी शुरू कर सकते हैं.
मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग सीखने के लिए आपको किसी बड़े इंस्टीट्यूट जाने की जरूरत नहीं है. आप किसी नजदीकी शहर की दुकान पर 2-3 महीने काम सीख सकते हैं या यूट्यूब पर मुफ्त में ट्यूटोरियल देखकर बेसिक रिपेयरिंग सीख सकते हैं.
काम शुरू करने के लिए आपको एक बेसिक टूलकिट चाहिए होगी, जिसमें सोल्डरिंग आयरन, स्क्रूड्राइवर्स, मल्टीमीटर, ब्लोअर/हॉट एयर गन और ओपनर सेट शामिल हैं. इसमें 10,000 से 12,000 रुपये तक का खर्च आएगा.
शुरुआत में फोन के चार्जिंग सॉकेट, मोबाइल कवर, टेम्पर्ड ग्लास, इयरफोन, डेटा केबल और छोटे-मोटे स्पेयर पार्ट्स अपनी दुकान में रखें. जिसमें 8,000 रुपये तक का खर्च आ सकता है.
इस बिजनेस की खासियत यह है कि इसमें आपकी मेहनत का मार्जिन बहुत ज्यादा होता है. उदाहरण के लिए, अगर आप 10 रुपये का एक चार्जिंग सॉकेट किसी फोन में बदलते हैं, तो ग्राहक से आसानी से 150 से 200 रुपये तक चार्ज कर सकते हैं यानी पार्ट्स का खर्च बहुत कम होता है और सीधी कमाई आपकी हुनर व मेहनत की होती है.
इसके अलावा, आप रिपेयरिंग के साथ-साथ मोबाइल रीचार्ज, टेम्पर्ड ग्लास चढ़ाना, सेकेंड हैंड फोन की खरीद-बिक्री और फोटोकॉपी/ऑनलाइन फॉर्म भरने की सर्विस भी जोड़ सकते हैं. इससे दुकान पर आने वाला हर ग्राहक आपको कुछ न कुछ पैसे देकर ही जाएगा. अगर आप दिन में सिर्फ 5-6 मोबाइल या छोटे-मोटे सामान भी ठीक कर लेते हैं, तो रोजाना 800 से 1500 रुपये यानी महीने के 25,000 से 40,000 रुपये आसानी से कमा सकते हैं.
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