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नौकरियों के मामले में आने वाला है 2008 से भी बुरा समय, जानें 2023 में क्या होगा हाल

Job Cut 2022: एक आशंका जताई जा रही है कि नौकरियों में हो रही कटौती साल 2023 में भी जारी रहेगी और इस बार 2008 से भी बुरा हाल होगा.

नौकरियों के मामले में आने वाला है 2008 से भी बुरा समय, जानें 2023 में क्या होगा हाल

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डीएनए हिंदी: साल 2022 में दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों में खूब छंटनी हुई. Amazon, गूगल, ट्विटर और Apple जैसी कंपनियों से हजारों की संख्या में लोग नौकरी से हाथ धो बैठे. एक्सपर्ट्स का मानना है अभी तो यह बस शुरुआत है. आने वाले साल 2023 में आर्थिक मंदी के चलते और भी बुरा हाल होने वाला है. आशंका जताई जा रही है कि साल 2008 की आर्थिक मंदी से भी ज़्यादा बुरा हाल हो सकता है. कंपनियों में छंटनी का हाल यह है कि 2022 में आईटी कंपनियों में डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों की नौकरियां गई हैं. कंपनियों ने कहा है कि अभी और लोगों की छंटनी होनी है.

अनुमान है कि साल 2008 में जितने लोगों की नौकरियां गई थीं, इस बार यह संख्या उससे भी काफी ज्यादा हो सकती है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 में 986 टेक कंपनियों में से लगभग 1,51,468 लोगों को नौकरी से निकाल दिया. यह संख्या और भी बढ़ने वाली है क्योंकि Google की पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. जल्दी ही छंटनी की तैयारी में है. कई और कंपनियां भी इसी रास्ते पर चल रही हैं.

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2008 में आर्थिक मंदी ने तोड़ दी थी दुनिया की कमर
द ग्रेट रिसेसन के नाम से जानी जाने वाली साल 2008 की मंदी की शुरुआत 2007 में ही हो गई थी. Lehman Brothers ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था. इसके बाद साल 2008 में 65 हजार लोगों को नौकरियां से निकाला गया. साल 2009 में भी लगभग इतने ही लोग बेरोजगार हुआ. 2022 की बात करें तो नवंबर से दिसंबर के बीच ही डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों की नौकरियां छिन गई हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.

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नौकरियां जाने की सबसे बड़ी वजह है कि कोरोना महामारी के दौरान कंपनियों ने जमकर हायरिंग की. इसके अलावा, पश्चिमी देशों के आर्थिक हालात और रूस यूक्रेन युद्ध ने भी इसमें आग में घी का काम किया है. यही वजह है कि इस बार सिर्फ़ आईटी कंपनियों में ही नहीं बल्कि मीडिया, Edtech, फूड सर्विस और कई अन्य सेक्टर में भी छंटनी हो रही है.

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