बिजनेस
सुबह के समय सिर्फ 3 से 4 घंटे ये काम करके आप बेहद कम लागत में हर महीने 50 से 60 हजार रुपये का मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खासकर बड़े शहरों में रहने वाले कामकाजी लोगों और छात्रों के पास सुबह का नाश्ता बनाने का वक्त ही नहीं होता. इसी समस्या को एक बेहतरीन कमाई के मौके में बदलते हुए आजकल क्लाउड पेंट्री या ब्रेकफास्ट डिलीवरी का बिजनेस काफी तेजी से फल-फूल रहा है.
खास बात यह है कि इसके लिए आपको कोई महंगी दुकान या रेस्टोरेंट किराए पर लेने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. आप अपने घर के साधारण किचन से ही सिर्फ सुबह के 3 से 4 घंटे काम करके तगड़ी कमाई कर सकते हैं.
क्लाउड पेंट्री का सीधा सा मतलब है- एक ऐसा किचन जो सिर्फ ऑनलाइन या फोन पर ऑर्डर लेकर खाना डिलीवर करता है, जहां बैठकर खाने यानी डाइन-इन की कोई व्यवस्था नहीं होती. इस काम को शुरू करने के लिए आपका सबसे बड़ा टारगेट कस्टमर ग्रुप ऑफिस जाने वाले पेशेवर, पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स और बैचलर होने चाहिए.
सुबह के वक्त लोग पौष्टिक और हल्का खाना पसंद करते हैं. आप अपने मेन्यू में पोहा, उपमा, अंकुरित अनाज, ओट्स, पराठे, ताजे फल और फ्रेश जूस शामिल कर सकते हैं.
ऑफिस और कॉलेज का समय सुबह 8 बजे से 11 बजे के बीच होता है. आपको सुबह 6 बजे से तैयारी शुरू करके 7 से 10 बजे के बीच डिलीवरी पूरी करनी होती है.
शुरुआत में आप अपने आसपास की सोसाइटियों, हॉस्टलों और ऑफिस पार्कों के बाहर पैम्फलेट बांट सकते हैं. इसके अलावा व्हाट्सएप ग्रुप, इंस्टाग्राम या फिर जोमैटो और स्विगी जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर खुद को रजिस्टर करके सीधे ऑर्डर ले सकते हैं.
इस बिजनेस को आप घर में मौजूद बर्तनों और सामान से महज 5,000 से 10,000 रुपये के शुरुआती बजट में शुरू कर सकते हैं, जो सिर्फ पैकेजिंग मटेरियल और कच्चा माल खरीदने में खर्च होंगे.
अगर आप रोजाना सुबह केवल 40 से 50 कस्टमर्स को भी 80 से 100 रुपये की एवरेज प्लेट डिलीवर करते हैं, तो आपकी रोजाना की बिक्री 4,000 से 5,000 रुपये हो जाती है. इसमें से सामान का खर्च निकालने के बाद भी आप रोजाना 2,000 रुपये तक आसानी से बचा सकते हैं, यानी महीने का 50,000 से 60,000 रुपये का शुद्ध मुनाफा.
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