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25 साल में 3000% तक बढ़े गोल्ड के दाम, जानिए 2050 में कितने रु तौला हो सकता है सोना?

पिछले 25 सालों में सोने ने निवेशकों को करीब 3000% का छप्परफाड़ रिटर्न देकर सबको हैरान कर दिया है. आज जब सोना अपने ऑल-टाइम हाई के करीब ट्रेड कर रहा है, तो हर इन्वेस्टर के मन में यही सवाल है कि भविष्य में इसकी कीमतें कहां तक जाएंगी.

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25 साल में 3000% तक बढ़े गोल्ड के दाम, जानिए 2050 में कितने रु तौला हो सकता है सोना?

2050 तक कितने बढ़ेंगे सोने के दाम? (AI Image)

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Gold Return Investment: सोने को हमारे देश में सिर्फ एक गहना नहीं, बल्कि सबसे भरोसेमंद दोस्त माना जाता है. मुसीबत के समय ये पीला मेटल हमेशा काम आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि निवेश के मामले में सोने ने पिछले कुछ सालों में जो रफ्तार पकड़ी है, उसने बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया है? बीते 25 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो सोने ने निवेशकों को करीब 3000% का छप्परफाड़ रिटर्न दिया है.

अब हर किसी के मन में यही सवाल है कि अगर सोने की यही रफ्तार जारी रही, तो आने वाले समय में, यानी साल 2050 तक 10 ग्राम (एक तौला) सोने की कीमत कहां तक पहुंच जाएगी? 

25 साल में 4,000 रुपये से 80,000 के पार!

साल 1999-2000 के आसपास 10 ग्राम सोने की कीमत महज 4,000 से 4,500 रुपये के बीच हुआ करती थी. आज 8 जुलाई 2026 को भारत में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,45,410 प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,33,300 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रही है.

सीधे शब्दों में कहें, तो अगर किसी ने 25 साल पहले सोने में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू बढ़कर लगभग करीब 32 लाख रुपये से ज्यादा हो चुकी होती. यही वजह है कि शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से डरने वाले लोग सोने को सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं.

साल 2050 में कितना महंगा होगा सोना?

दुनियाभर के बड़े ब्रोकरेज हाउस और कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतों में आ रही यह तेजी रुकने वाली नहीं है. बढ़ती महंगाई, दुनिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही सोने की खरीदारी इसकी सबसे बड़ी वजह है.

भारत की प्रतिष्ठित कमोडिटी ब्रोकरेज फर्म केडिया एडवाइजरी के प्रमुख अजय केडिया ने सोने के लॉन्ग-टर्म टारगेट दिए हैं. उनके मुताबिक, यदि सोना अपनी ऐतिहासिक सालाना कंपाउंडिंग ग्रोथ दर को बनाए रखता है, तो 2050 तक यह ₹4.5 लाख से ₹5 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है.

क्यों बढ़ती रहेगी सोने की चमक?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे कुछ ठोस कारण हैं. जैसे महंगाई, जब-जब पैसे की वैल्यू कम होती है, सोने की कीमत बढ़ती है. इसके अलावा जमीन से सोना निकालने की एक लिमिट है, लेकिन दुनिया में इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है. जब भी दुनिया में मंदी या युद्ध के हालात बनते हैं, लोग शेयर बेचकर सोना खरीदने लगते हैं.

(डिस्क्लेमर: यह अनुमान एक्सपर्ट्स के दावों और पिछले ट्रेंड्स पर आधारित है. बाजार में उतार-चढ़ाव संभव हैं, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.) 

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