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पत्नी को किराया देकर टैक्स में बचा सकते हैं लाखों, Tax Saving का ये Legal तरीका जान लीजिए

Tax Saving Tips: क्या आपकी इनकम टैक्स के दायरे में आती है? क्या आपकी सैलरी का बड़ा हिस्सा टैक्स में चला जाता है? क्या आप अपना टैक्स बचाना चाहते हैं? अगर इन तीनों सवालों का जवाब हां है तो आगे पढ़िए.

पत्नी को किराया देकर टैक्स में बचा सकते हैं लाखों, Tax Saving का ये Legal तरीका जान लीजिए
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Tax Saving Tips: इनकम टैक्स. हर साल बजट के दिन सबकी नजर इसी बात पर होती है कि टैक्स में थोड़ी राहत मिल जाए. लोग तरह-तरह के इनवेस्टमेंट करते हैं ताकि टैक्स में छूट मिल जाए. अगर आपको अभी तक मनचाही राहत नहीं मिली है, तो हम बता रहे हैं एक ऐसा तरीका जिससे आपका पैसा घर में ही रहेगा और आप टैक्स भी बचा पाएंगे. इसके लिए बस एक चीज़ की ज़रूरत है, आपकी और आपके पार्टनर के बीच ट्यूनिंग की.

Tax Savings Tips

आप हर महीने घर के किराए के रूप में अपनी पत्नी को पैसे देकर टैक्स में छूट पा सकते हैं. इसके लिए शर्त ये है कि घर आपकी पत्नी के नाम पर होना चाहिए. आप उस घर के जॉइंट ओनर नहीं हो सकते हैं. साल 2022 में दिल्ली ट्रिब्यूनल ने अभय कुमार मित्तल वर्सेज इनकम टैक्स डिप्टी कमिश्नर के मामले में फैसला दिया था कि पति अपनी पत्नी को किराया नहीं दे सकता, इस तर्क के पीछे कोई कानूनी आधार नहीं है. ये टैक्स बेनिफिट तब भी मिलेगा जब पति घर के लोन का को-एप्लिकेंट हो, शर्त बस ये है कि घर पत्नी के नाम पर होना चाहिए.


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पत्नी को किराया देकर कैसे बचा सकेंगे टैक्स?

आपको और अपनी पत्नी को एक लीगल रेंट अग्रीमेंट बनवाना होगा. जिसमें ये साफ लिखा हो रेंटर कौन है और होम ओनर कौन है. अग्रीमेंट की अवधि तय हो, अग्रीमेंट में साफ लिखा हो कि आप महीने का कितना किराया अपनी पत्नी को देंगे. इसके लिए पत्नी की तरफ से आपको हर महीने रेंट रिसीट देना होगा. 

इस बात का ध्यान रखें कि रेंट आप ऑनलाइन ट्रांसफर करें. इससे पैसों का इलेक्ट्रॉनिक ट्रेल भी बिल्ड होगा और उसे सबूत के तौर पर आप पेश कर सकते हैं.

कितना मिलता है HRA Exemption?

इन चार कंडीशंस में जो अमाउंट सबसे कम होगा, HRA में उतनी छूट आपको इनकम टैक्स से मिलेगी-
1- असल HRA जो आपको कंपनी से मिलता है
2- सालभर में जितना किराया आप देते हैं, उसे अपनी सैलरी के 10 प्रतिशत से घटा ने पर जो अमाउंट आए.
3- बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत (मेट्रो सिटी में)
4- बेसिक सैलरी का 40 प्रतिशत (नॉन मेट्रो सिटी में)

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