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GST collection in June : पिछले साल के मुकाबले 56 फीसदी बढ़ी सरकार की कमाई 

GST collection in June : जून के महीने में पिछले साल की समान अ​वधि की तुलना में जीएसटी कलेक्शन में 56 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है.

GST collection in June : पिछले साल के मुकाबले 56 फीसदी बढ़ी सरकार की कमाई 
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डीएनए हिंदी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman)ने शुक्रवार को कहा कि जून के महीने में माल एवं सेवा कर (GST) राजस्व बढ़कर 1.44 लाख करोड़ रुपये हो गया जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 56 प्रतिशत अधिक है. सीतारमण ने कहा कि जीएसटी कलेक्शन (GST collection in June) के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये अब मोटे तौर पर एक निचली सीमा बन चुका है. इसके पहले मई 2022 में जीएसटी राजस्व करीब 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा था. सीतारमण ने अधिकारियों से यह भी कहा कि जीएसटी द्वारा टैक्सेशन में लाए गए सुधारों के बारे में आत्मसंतुष्ट न हों, बल्कि सुधार करते रहें. हाल के महीनों में आर्थिक सुधार और अनुपालन बढ़ाने के उपायों के आधार पर जीएसटी कलेक्शन में इजाफा देखने को मिला है. जून 2021 के महीने के लिए जीएसटी रेवेन्यू 92,800 करोड़ रुपये था. 

मार्च से 5वीं बार कलेक्शन 1.4 लाख करोड़ के पार गया 
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि महीने के दौरान, माल के आयात से रेवेन्यू 55 फीसदी अधिक था और घरेलू ट्रांजेक्शन (सेवाओं के आयात सहित) से राजस्व पिछले साल के इसी महीने के दौरान इन स्रोतों से होने वाले राजस्व की तुलना में 56 फीसदी अधिक है. बयान में कहा गया है कि यह पांचवीं बार है जब मासिक जीएसटी कलेक्शन जीएसटी की स्थापना के बाद से 1.40 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है और मार्च 2022 से लगातार चौथा महीना है.

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जीएसटी का औसत कलेक्शन बढ़ा 
जून 2022 में कलेक्शन न केवल दूसरा सबसे अधिक है, बल्कि कम कलेक्शन माह होने की प्रवृत्ति को भी तोड़ दिया है जैसा कि अतीत में देखा गया है. मई 2022 के महीने में कुल ई-वे बिलों की संख्या 7.3 करोड़ थी, जो अप्रैल 2022 के महीने में उत्पन्न 7.4 करोड़ ई-वे बिल से 2 फीसदी कम है. वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के लिए औसत मासिक सकल जीएसटी कलेक्शन पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में औसत मासिक कलेक्शन 1.10 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 1.51 लाख करोड़ रुपये रहा है, जिसमें 37 फीसदी की वृद्धि हुई है. बयान में कहा गया है कि आर्थिक सुधार के साथ-साथ चोरी-रोधी गतिविधियां, विशेष रूप से नकली बिलर्स के खिलाफ कार्रवाई जीएसटी को बढ़ाने में योगदान दे रही है.

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