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बुलियन मार्केट एमसीएक्स पर भी सोने और चांदी दोनों के दामों तेजी आई है. इसके पीछे की वजह शेयर बाजार में उथल पुथल के बीच निवेशकों को सुरक्षा के रूप में गोल्ड को चुनना है.
एक हफ्ते तक सोने चांदी में गिरावट के बाद आज सराफा वायदा बाजार में तेजी देखने को मिली है. बाजार खुलते ही सोने चांदी की चमक बढ़ गई है. 3 सितंबर को जैसे ही सराफा बाजार और वायदा बाजार (MCX) खुला, सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला, जहां चांदी के दाम 3000 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गये. वहीं सोने की कीमत में भी 2100 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़त देखने को मिली है. आइए जातने हैं यह तेजी सिर्फ एक दो दिन की है या फिर सोने के दाम अब आसमान छूने वाले हैं.
वैश्विक बाजार (COMEX) से मिले मजबूत संकेतों और घरेलू मांग में आई अचानक तेजी के चलते 3 सितंबर की सुबह एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोना और चांदी दोनों मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार करते दिखे, जहां सोने में प्रति 10 ग्राम 1.34 प्रतिशत तक चढ़कर 4473.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गये हैं. वहीं चांदी के दाम में भी 1.68 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली हे. इसी के साथ चांदी की कीमत 66.665 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी है.
बुलियन मार्केट एमसीएक्स पर भी सोने और चांदी दोनों के दामों तेजी आई है. MCX पर सोने के दाम 2100 रुपये प्रति 10 ग्राम बचढ़कर 1.53 लाख रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे हैं. वहीं चांदी के भाव भी 3000 रुपये की तेजी आई है, जिसके बाद चांदी के दाम 2.38 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रहे हैं. हालांकि देश के प्रमुख महानगर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता से लेकर चेन्नई तक में रिटेल खरीदारों के लिए 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की नई दरें ऊपर चढ़ गई हैं.
सोने चांदी के दामों में हुई बढ़ोतरी के पीछे की वजह सिर्फ स्थानीय मांग नहीं है. वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना और वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध और तनाव के बीच निवेशकों को सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की तरफ दोबारा खींच लिया है, जिसके चलते सोने के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. वहीं औद्योगिक क्षेत्र में चांदी की मांग जिस तेजी से सोलर पैनल और ईवी सेक्टर में बढ़ रही है, उसने चांदी को सिर्फ गहना न बनाकर एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल कमोडिटी बना दिया है. यही वजह है कि इस बार सोने से भी ज्यादा तेज रफ्तार चांदी की कीमतों में देखने को मिल रही है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन तक सोने और चांदी में थोड़ी-बहुत प्रॉफिट बुकिंग यानी गिरावट आ सकती है, लेकिन लंबी अवधि में रुझान तेजी का ही बना रहेगा. अगर आपको घर के लिए गहने बनवाने हैं, तो एक बार में पूरा सोना खरीदने के बजाय किश्तों में खरीदारी करना या गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) का विकल्प चुनना समझदारी भरा कदम हो सकता है.