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फेड रिजर्व की बैठक में लिये गये फैसले पर वैश्विक शेयर और कमोडिटी बाजार की नजर बनी हुई है. ऐसे में बाजार के साथ ही सोने-चांदी के दामों में भी उठा पटक जारी है. हालांकि आज सोने और चांदी दोनों के ही भाव थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
सोना-चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं तो थोड़ा थम जाइये. इसकी वजह से त्योहारी सीजन नहीं, बल्कि बाजार में आई उथल पुथल है, जिसके चलते लगातार सोने चांदी के दामों में लगातार बढ़त और गिरावट आना है. इसकी मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आने वाले ब्याज दर फैसलों और लगातार ऊपर-नीचे हो रहे कच्चा तेल है, जिसने न सिर्फ वैश्विक मार्केट को प्रभावित कर दिया, बल्कि सोने और चांदी की चाल को थाम सा दिया है. आइए जानते हैं कि इस ग्लोबल उथल-पुथल का आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और खरीदारी के बजट पर क्या असर पड़ने वाला है.
जब भी दुनिया के सबसे ताकतवर केंद्रीय बैंक यानी यूएस फेडरल रिजर्व की बैठक होती है, तो पूरी दुनिया के शेयर और कमोडिटी बाजार की नजर उस पर टिक जाती है. इसकी वजह यहां होने वाले फैसले और बदलाव का प्रभाव वैश्विक बाजार पर पड़ना है.इस बार भी कुछ ऐसा ही माहौल है. बाजार में इस बात की मजबूत चर्चा और उम्मीद है कि फेड ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है. ऐसी स्थिति में निवेशकों की नजर सोने से हटकर अमेरिकी बॉन्ड और डॉलर की तरफ घूम गई है. यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी के दामों में तेज गिरावट और उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. अगर आप इस समय सोना चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो यह ग्लोबल फेरबदल आपके बजट को बिगाड़ सकता है.
सोने और चांदी की कीमतों पर केवल फेड के फैसलों का ही नहीं, बल्कि कच्चे तेल (Crude Oil) के आसमान छूते दामों का भी गहरा साया है. मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव तेल की सप्लाई चेन में बाधा उत्पन्न कर रहा है. इसके चलते क्रूड ऑयल के दाम में लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में ज्यादातर लोग सोचते हैं कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने से सिर्फ पेट्रोल और डीजल के भाव बढ़ते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. इसका कनेक्शन पेट्रोल डीजल के साथ महंगाई से है यानी, जब तेल महंगा होता है तो पूरी दुनिया में ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग की लागत बढ़ जाती है. महंगाई बढ़ते ही लोग अपनी सुरक्षा के लिए सोने की तरफ भागते हैं, लेकिन अगर इसके साथ अमेरिकी ब्याज दरें भी बढ़ जाएं, तो सोना अपनी चमक खोने लगता है. यही पेंच आम खरीदार को असमंजस में डाल देता है कि वह इस वक्त खरीदारी करे या थोड़ा और इंतजार करे.
ऐसी मची अफरा-तफरी के बीच आम आदमी के मन में एक ही सवाल होता है. अब हमारा अगला कदम क्या होना चाहिए. ऐसे में कमोडिटी मार्केट के जानकारों का मानना है कि इस समय बाजार में भारी उतार-तढ़ाव बना रहेगा. वहीं अगर आपको शादी या त्योहार के बीच सोना खरीदना है तो इसमें एक साथ पैसा लगाने के बजाये धीरे धीरे खरीदना ज्यादा सही होगा.
सोना-चांदी सिर्फ पहनने की चीज या निवेश का जरिया नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और भारतीय रुपये की सेहत का भी आईना है, जब विदेशी बाजारों में उथल-पुथल होती है, तो डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता जाता है. ऐसे में रुपया कमजोर होने से भारत के लिए सोना और कच्चा तेल इंपोर्ट करना और भी महंगा हो जाता है. इसका असर आपके घर की किचन से लेकर आपके मासिक बजट पर पड़ता है.
घरेलू सर्राफा बाजार एमसीएक्स पर सोने के वायदा भाव में 0.52 प्रतिशक की तेजी दर्ज की गई है. इसी के साथ सोने का भाव 151,590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. वहीं चांदी के वायदा भाव में 1.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके बाद चांदी 2,35,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है.