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सोने-चांदी के भाव में गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही अच्छी खासी गिरावट दर्ज की गई. इसके पीछे की वजह अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए शांति प्रस्ताव पर मोहर लगना है, जिससे शेयर बाजार में भारी उछाल आया है.
.सोने-चांदी के दामों में आज आई गिरावट
.अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव भी है सोने चांदी के दामों में गिरावट की वजह
.निवेशकों सोने चांदी से पैसा निकालकर शेयर बाजार की तरफ किया रुख
.सर्राफा बाजार की कीमतों में भी आई गिरावट
शेयर मार्केट की तरह ही सोने और चांदी के दामों में हर दिन उतार चढ़ाव होता है. दुनिया में बन रही रणनीति से लेकर युद्ध, शांति, डॉलर की मजबूती और आर्थिक अनिश्चितताओं का प्रभाव सोने चांदी के भाव पर पड़ता है. यही वजह है कि सोने चांदी के दाम हर दिन अलग होते हैं. इनमें कई बार भारी चढ़त और गिरावट भी दर्ज की जाती है, लेकिन एक लंबे समय बाद सोने और चांदी के दामों में भारी बढ़त के बाद गिरावट देखने को मिली है. गुरुवार को भी सोने और चांदी के भाव नीचे गिरे हैं. एमसीएक्स पर सोने के दाम 1600 रुपये नीचे पहुंच गये हैं, तो चांदी के दामों में 6300 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है.
एमसीएक्स पर 3 जुलाई को चांदी की डिलीवरी वाली 2,51,807 लाख रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी. यह 18 जून को यानी आज 2,48,000 लाख रुपये पर खुली. दिन के शुरुआती कारोबार में चांदी में 6,298 रुपये की गिरावट के साथ 2,45,509 लाख रुपये पर आ गई है. वहीं सोना कल 1,53,879 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था. यह 18 जून को 1,52,306 रुपये पर खुला है. दिन के शुरुआत में ही सोना 1,716 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है. सोना 1,52,163 लाख रुपये पर ट्रेड कर रहा है.
सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों कोई ज्यादा गिरावट नहीं है. इसमें 18 जून को 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,100 रुपये प्रति तोला है. वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत 1,38,200 रुपये है. वहीं चांदी के दाम 5000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिराटव के साथ 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गये हैं.
सोने चांदी के दामों में गिरावट के पीछे कई वजह हैं. इनमें सबसे बड़ी वजह इन दिनों अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर मोहर लगना है. इससे इंटरनेशनल मार्केट में मजबूती आने के साथ ही डॉलर भी रुपये के मुकाबले मजबूत हुआ है. ऐसी स्थिति में निवेशक सोना चांदी से रुपया निकालकर शेयर बाजार और डॉलर पर लगाते हैं. ऐसी स्थिति में सोना चांदी कमजोर होता है और इसके दामों में गिरावट आती है. क्योंकि दुनिया में ज्यादातर निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने चांदी को चुनते हैं, लेकिन जब बाजार में उठापटक कम होती है तो निवेशक सोना चांदी से अपना रुपया निकालकर ज्यादा प्रॉफिट कमाने के लिए शेयर बाजार में निवेश करते हैं.
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