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Gold Price Prediction: 10 ग्राम सोने का भाव 1.43 लाख रुपये के स्तर पर पहुंचने के बाद बाजार में 'वेट एंड वॉच' का माहौल है.
इन दिनों अगर आपके मन में भी यह सवाल चल रहा है कि सोना अभी खरीद लेना चाहिए या दाम और नीचे गिरने का इंतजार करना सही रहेगा, तो आप अकेले नहीं हैं. इस समय ज्यादातर खरीदार और निवेशक इसी उधेड़बुन में हैं. बाजार के जानकारों का साफ कहना है कि सोने का बिल्कुल निचला स्तर तय कर पाना किसी के बस की बात नहीं है. इसलिए केवल इस उम्मीद में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना कि भाव और कम होंगे, घाटे का सौदा भी साबित हो सकता है.
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अगर बीते कुछ सालों के आंकड़ों को देखें तो अप्रैल 2025 तक भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत कभी 1 लाख रुपये के पार नहीं गई थी, लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं. जुलाई 2026 तक स्थिति यह है कि 10 ग्राम सोने का भाव 1.43 लाख रुपये के स्तर को छू चुका है.
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, देश में सर्राफा कारोबार सामान्य तरीके से चल रहा है, लेकिन खरीदारों ने फिलहाल 'वेट एंड वॉच' यानी थोड़ा ठहरकर देखो वाली नीति अपना रखी है. दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल और महंगाई के कारण लोग अपनी बचत को सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं.
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने में किसी बहुत बड़ी गिरावट की उम्मीद फिलहाल न के बराबर है. ऑगमॉन्ट की रिसर्च प्रमुख रेनिशा चैनानी ने मनीक्रंटोल को बताया कि ज्यादातर विशेषज्ञों को नहीं लगता कि भाव फिर से घटकर 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ जाएं, ऐसी संभावना बेहद कम है.
रेनिशा चैनानी के अनुसार, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं, जिससे इसके भाव को मजबूत सहारा मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी सोने के तेवरों को गरम बनाए रखा है.
अनुमान जताया जा रहा है कि 2026 के दौरान सोना 1.40 लाख से 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में ही टिका रह सकता है. किसी भी कमोडिटी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद 5 से 15 फीसदी का करेक्शन या गिरावट आना एक आम बात है, इसे मार्केट क्रैश नहीं कहा जा सकता.
उनके मुताबिक, सोने की कीमतों में बड़ी नरमी केवल विशेष परिस्थितियों में ही आ सकती है. उदाहरण के लिए:
बोनांजा के वरिष्ठ शोध विश्लेषक निरपेंद्र यादव के अनुसार, बाजार की अफवाहों या किसी एक खबर को सुनकर हड़बड़ी में कोई फैसला न लें. सबसे सही तरीका यही है कि एक बार में सारा पैसा लगाने के बजाय किस्तों में थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदते रहें. अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो बाजार में आने वाली किसी भी 10 से 15 प्रतिशत की गिरावट को धीरे-धीरे खरीदारी करने के एक बेहतरीन मौके की तरह देखना चाहिए. वहीं, कम समय के ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए.
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(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी को प्रदान करता है, निवेश की सलाह नहीं देता. इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए डीएनए हिंदी उत्तरदायी नहीं है. कृपया किसी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें.)