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Gold Price Today Update: सोने की कीमतों में जारी रिकॉर्ड तोड़ गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है.
सोने की कीमतों में चल रही गिरावट रुकने का नाम नहीं ले रही है, जिसने आम ग्राहकों से लेकर बड़े निवेशकों तक सबको हैरान कर दिया है. कभी घरेलू बाजार में 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के जादुई आंकड़े को पार करने की कगार पर खड़ा सोना अब 1.42 लाख रुपये के भी नीचे आ गया है. इस साल जनवरी 2026 में सोने ने करीब 1.93 लाख रुपये का अपना ऑल-टाइम हाई छुआ था, लेकिन वहां से अब तक इसमें करीब 27 फीसदी यानी सीधे 52 हजार रुपये की भारी गिरावट आ चुकी है.
अकेले जून के महीने में ही सोना 11.42 फीसदी से ज्यादा टूट गया. वहीं इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो सोना 5,600 डॉलर के अपने शिखर से 30% से ज्यादा गिरकर 4,000 डॉलर के नीचे आ चुका है. ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर सोने को किसकी नजर लग गई?
बाजार के जानकारों और वित्तीय कमोडिटी रिसर्च फर्म ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिषा चेनानी के अनुसार, सोने की इस गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक आर्थिक कारण काम कर रहे हैं-
इतनी बड़ी गिरावट के बाद सवाल उठता है कि क्या सोने के अच्छे दिन खत्म हो गए हैं? ऑगमोंट की रिपोर्ट के मुताबिक, घबराने की जरूरत नहीं है. यह गिरावट सिर्फ एक तात्कालिक चक्र है, न कि सोने के लॉन्ग-टर्म वैल्यू का खत्म होना. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और करेंसी की कमजोरी के समय सोना हमेशा एक बेहतरीन विकल्प बना रहेगा.
सोने की कीमतों में जल्द ही सुधार देखने को मिल सकता है, क्योंकि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक हालिया सर्वे के अनुसार, करीब 90% केंद्रीय बैंक अगले एक साल में अपने सोने का भंडार बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. बैंक अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए जमकर सोना खरीद रहे हैं.
कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद आने वाले समय में महंगाई कम होने की उम्मीद है. हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा, लेकिन 2027 में कटौती की संभावना से सोने को नया बूस्ट मिलेगा.
ऑगमोंट के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए 3,950 से 4,000 डॉलर का स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट है. यदि यह स्तर बना रहता है, तो आने वाले कुछ हफ्तों में सोना दोबारा 4,400 डॉलर तक जा सकता है. इतना ही नहीं, अनुकूल परिस्थितियां रहने पर 2026 के अंत तक सोना 4,900 से 5,000 डॉलर और 2027 में एक नया रिकॉर्ड बना सकता है.
ऐसे में जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह भारी गिरावट एक बेहतरीन खरीदारी का मौका साबित हो सकती है. हालांकि, निवेश करने से पहले अमेरिकी फेड के फैसलों और भारत-चीन जैसे देशों में फिजिकल गोल्ड की डिमांड पर नजर जरूर रखें.
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी को प्रदान करता है, निवेश की सलाह नहीं देता. इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए डीएनए हिंदी उत्तरदायी नहीं है. कृपया किसी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें.)
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