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बिना हॉलमार्क की गोल्ड ज्वेलरी बेचने या खरीदने से पहले ठहरिए! BIS के सख्त नियम और वो छूट जो हर किसी को जानना है जरूरी

हर दिन सोने के दामों में इजाफा हो रहा है. ऐसे में सोना खरीदाना जितना महंगा है. उसकी शुद्धता की जांच करना उतना ही जरूरी है. अगर आप भी सोने की ज्वैलरी खरीदने या बेचने जा रहे हैं तो नियम जान लें और किसी के झांसे में न आये.

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बिना हॉलमार्क की गोल्ड ज्वेलरी बेचने या खरीदने से पहले ठहरिए! BIS के सख्त नियम और वो छूट जो हर किसी को जानना है जरूरी

Credit Image-Social Media

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क्या आप जानते हैं कि गाढ़ी कमाई से खरीदी गई सोने की अंगूठी या भारी-भरकम हार की असली कीमत बाजार में अचानक कम हो सकती है? ज्वेलरी की दुकान पर चमचमाता सोना देखकर आप जो भरोसा करते हैं, उसकी असल गारंटी कानूनन हॉलमार्क और HUID नंबर से तय होती है. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बिना हॉलमार्क के सोने के गहने बेचने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिससे ग्राहकों के लिए धोखाधड़ी से बचना तो आसान हुआ ही है, साथ ही आम परिवारों के मन में घर में रखे पुराने सोने को लेकर नए सवाल भी खड़े हो गये हैं.

नियम तोड़ा तो सीधे जेल! जानिए ज्वेलर्स पर क्या होगी कानूनी कार्रवाई

BIS के कड़े दिशानिर्देशों के अनुसार, अधिसूचित जिलों में बिना अनिवार्य हॉलमार्किंग के सोने के नये गहने बेचना एक बड़ा अपराध माना जाएगा. जांच के दौरान अगर किसी ज्वेलरी शॉप पर घटिया शुद्धता या बिना हॉलमार्क के नये गहने बिकते पाये जाते हैं, तो BIS सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकता है.इसमें दोषी पाये जाने वाले दुकानदार को 1 से 2 साल की जेल हो सकती है. इसके साथ ही दो लाख रुपये तक का जुर्माना भी भरना पड़ेगा. इसके साथ ही ज्वैलर्स का BIS लाइसेंस हमेशा के लिए सस्पेंड या रद्द भी किया जा सकता है.

इन ज्वेलर्स को होलमार्क से राहत

वहीं कुछ ज्वेलर्स ऐसे भी हैं, जिन्हें बीआईएस ने होलमार्क को लेकर अनिवार्यता नहीं की है. यानी 40 लाख या उससे कम टर्नओवर वाले ज्वेलर्स को होलमार्क में छूट दी गई है. इस कड़े कानून में आम जनता की लोकल खरीदारी और छोटे कारोबारियों का भी ध्यान रखा गया है. यही वजह है कि BIS ने हर ज्वेलरी विक्रेता पर यह अनिवार्यता नहीं थोपी है. इसके साथ ही बहुत कम वजन (जैसे 2 ग्राम से कम के गहने या विशेष वैज्ञानिक या औद्योगिक इस्तेमाल वाले सोने के सामान पर भी नियमों में छूट  दी गई है. 

आम ग्राहकों के लिए क्या है नियम

बहुत से लोग इस डर में रहते हैं कि दादा-परदादा के ज़माने का या सालों पुराना बिना हॉलमार्क वाला सोना अब 'अवैध' हो चुका है. वह उस सोने को ज्वेलर को औने-पौने दाम पर बेच देते हैं या ज्वेलर्स भी इस मौके का फायदा उठा लेते हैं तो जान लें कि बीआईएस के नियमों के अनुसार, अगर कोई ग्राहक अपना पुराने सोने का गहना बेच रहा है. वह उसे बिना हॉलमार्क के भी बेच सकता है. इस पर अनिवार्यता नहीं है. 

व्यापारियों द्वारा नया सोना बेचने पर है पाबंदी

BIS के नियम सिर्फ व्यापारियों द्वारा नया सोना बेचने पर पाबंदी लगाते हैं, न कि आम ग्राहकों के निजी सोने के मालिकाना हक देने पर. आप अपना पुराना बिना हॉलमार्क वाला गहना किसी भी ज्वेलर को बेच सकते हैं या उसके बदले नया हॉलमार्क वाला गहना बनवा सकते हैं. ज्वेलर पुरानी ज्वेलरी को पिघलाकर नए नियमों के तहत हॉलमार्क करवाकर ही आगे किसी अन्य ग्राहक को बेच सकते हैं.

सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

जब भी आप नया सोना खरीदें, तो सिर्फ ज्वेलर के जुबानी वादे पर भरोसा न करें. BIS Care App और पक्के बिल के इस्तेमाल से आप अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रख सकते हैं. इसके लिए हर नये हॉलमार्क गहने पर 6 अंकों का एक यूनिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड अंकित होता है. इसे जरूर चेक करें

BIS Care App से कर सकते हैं स्कैन

BIS Care App ऐप में HUID डालते ही आपको गहने की शुद्धता, ज्वेलर का नाम और हॉलमार्किंग सेंटर की पूरी डिटेल तुरंत मिल जाती है. ऐसे में आप आसानी से इसकी जांच कर सकते हैं. साथ ही कोई ज्वेलरी खरीदने पर उसका पक्का बिल जरूर लें. जिस पर HUID कोड और सोने का वजन स्पष्ट लिखा हो. साथ ही भविष्य में रीसेल या एक्सचेंज के दौरान यही बिल आपका सबसे बड़ा कानूनी ढांचा बनता है.

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