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भारत में त्योहार से लेकर शादियों के सीजन आते ही सोने और चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है. लगातार आसमान छू रहे सोने चांदी के दाम आम आदमी की जद से दूर हो गये थे, लेकिन एक बार फिर से सोने चांदी के दामों में कुछ दिनों के लिए ब्रेक लग गया है. आइए जानते हैं सोने चांदी का भाव...
रक्षाबंधन के बाद से त्योहारों की शुरुआत हो चुकी है. अब अगले ही महीने पांच दिवसीय त्योहार धनतेरस और दिवाली आने वाली है. इन दिनों में सोना चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. कुछ लोगों ने इसकी तैयारी अभी से कर ली है. इसकी वजह इन दिनों सोने और चांदी के दामों में गिरावट आना भी है. एक तरफ जहां पिछले कुछ समय से सर्राफा बाजार में तेजी का माहौल था, वहीं अब रेट्स में आई इस स्थिरता ने आम खरीदारों को आकर्षित कर रहा है. आइए जानते हैं सोने चांदी के भाव, साथ ही क्या खरीदारी का ये शुभ समय है...
वैश्विक बाजार में कॉमेक्स पर मार्केट की शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी के भाव में हल्की तेजी देखने को मिली है. यहां सोना लगभग 4,480 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा है. वहीं चांदी लगभग 67.60 डॉलर प्रति औंस पर है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, इस समय सोने का वायदा भाव लगभग 1,53,450 रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं चांदी का वायदा भाव 2,40,700 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है.
अगर आप दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में आज गहने खरीदने जा रहे हैं, तो आपको लगभग समान दायरों में भाव सकते हैं. आज दिल्ली में 24 कैरेट सोने के दाम 154290 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है. वहीं 22 कैरेट सोना 1,41,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है. मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,140 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने के दाम 1,41,290 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर है. वहीं चांदी के दाम 2,49,900 प्रति किलोग्राम के आसपास हैं.
अक्सर लोग सोचते हैं कि भारत में त्योहार आते ही सोना महंगा हो जाता है, लेकिन इस पर अंतरराष्ट्रीय बाजार और केंद्रीय बैंकों का रुख का प्रभाव पड़ रहा है. वैश्विक बाजारों में डॉलर सूचकांक में आई मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर रुख स्पष्ट करने के चलते सट्टेबाजी थमी है. साथ ही हालिया तेजी के बाद संस्थागत निवेशकों ने हल्की मुनाफावसूली की है. यही वजह है कि घरेलू सर्राफा बाजार में दामों थोड़ा रुक गये हैं.
सोने और चांदी की मौजूदा कीमतें आम मध्यवर्गीय परिवार के बजट पर सीधा असर डालती हैं. शादियों और त्योहारों पर लोग सोने और चांदी की खरीदारी करते हैं. अगर आप इस सीजन 22 कैरेट का एक भारी हार करीब लगभग 30 ग्राम बनवाने की सोच रहे हैं, तो केवल सोने की लागत ही 4.20 लाख रुपये के पार जा रही है. मेकिंग चार्ज और GST जोड़ने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ जाता है. वहीं सिल्वर का हाल भी कुछ ऐसा ही है, जो सीधे रूप से आम आदमी को प्रभावित कर रहा है.
अगर आप खुद के इस्तेमाल या गहनों के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो बड़े त्योहारों की भीड़ और ऐन वक्त की संभावित मूल्य वृद्धि से बचने के लिए अभी किश्तों में खरीदारी शुरू करना सुरक्षित रणनीति हो सकती है, लेकिन अगर आप शुद्ध निवेश के दृष्टिकोण से देख रहे हैं, तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB), डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF ज्यादा बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं, जहां मेकिंग चार्ज और लॉकर का खर्च नहीं चुकाना पड़ता.