बिजनेस
अमेरिका की जांच एजेंसियों ने नवंबर 2024 में गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ रिश्वत देने के आरोप में मामला दर्ज किया था.
अमेरिका में रिश्वखोरी के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी (Gautam Adani) राहत पाने की कोशिश में जुट गए हैं. अडानी की टीम ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन से मुलाकात की. ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने ट्रंप प्रशासन से मामले को खत्म करने का अनुरोध किया. कयास लगाए जा रहे हैं कि अब इस मामले में अडानी को जल्द 'क्लीन चिट' मिल सकती है.
रिपोर्ट के अनुसार, अडानी की टीम ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार से क्रिमिनल चार्ज हटाने की अपील की. बता दें कि गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी पर बिजली आपूर्ति अनुबंध हासिल करने के लिए रिश्वत देने और फंड जुटाने के लिए अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने के मामले में केस दर्ज किया गया है. अमेरिकी कोर्ट में इस मामले में संज्ञान लेते हुए अडानी को समन जारी किया था.
क्लीन चिट मिलने की संभावना
जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालते ही गौतम अडानी को इस केस में राहत की उम्मीद बढ़ गई थी. अडानी ग्रुप की टीम ने ट्रंप प्रशासन से बातचीत शुरू कर दी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में इस बातचीत ने रफ्तार पकड़ी है. आने वाले समय में इस केस में बड़ा फैसला आ सकता है. अडानी को क्लीन चिट मिलने की संभावना है.
कब दर्ज हुआ था मामला
अमेरिका की जांच एजेंसियों ने नवंबर 2024 में गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ रिश्वत देने के आरोप में मामला दर्ज किया था. अडानी ग्रुप पर आरोप है कि उन्होंने पावर सप्लाई के कॉन्ट्रैक्ट के लिए भारतीय अधिकारियों को करोड़ों रुपये की रिश्वत दी थी. इस कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर अडानी ग्रुप ने अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया और पैसे जुटाए. अमेरिकी बाजार नियामक ने इस मामले में गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर के खिलाफ समन जारी किया था.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.