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Windfall Tax Hike पर FM ने दी सफाई, कहा - उद्योग से सलाह लेकर किया यह काम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा कि अप्रत्याशित लाभ कर (Windfall Tax) को अचानक लगाया गया कर कहना ठीक नहीं है, क्योंकि इसका निर्धारण उद्योग के साथ परामर्श के साथ किया जाता है.

Windfall Tax Hike पर FM ने दी सफाई, कहा - उद्योग से सलाह लेकर किया यह काम

निर्मला सीतारमण

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डीएनए हिंदी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों (Petroleum Products) और कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर (Windfall Tax on Crude Oil) अचानक नहीं, बल्कि उद्योग के साथ नियमित परामर्श के साथ वसूला जा रहा है. उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि अप्रत्याशित लाभ कर (Windfall Tax) को अचानक लगाया गया कर कहना ठीक नहीं है, क्योंकि इसका निर्धारण उद्योग के साथ परामर्श के साथ किया जाता है. आपको बता दें कि हाल में सरकार ने विंडफॉल टैक्स में इजाफा (Windfall Tax Hike) किया है. जिसके बाद से इस बात की चर्चा जोरों पर चल रही है कि आखिर किस तरह से टैक्स में इजाफा कर रही है. सरकार को इसके लिए आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है.

उद्योगों से विचार करने के बाद लगाया गया विंडफॉल टैक्स
वित्त मंत्री ने एलारा कैपिटल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कहा, ''उद्योग को पूरी तरह भरोसे में लेने के बाद ही इस विचार को लागू किया गया. सीतारमण ने कहा, ''जब हमने इस बारे में सुझाव दिया, तो हमने उद्योग जगत से कहा था कि हर 15 दिनों में कर की दर की समीक्षा की जाएगी और हम ऐसा कर रहे हैं. वैश्विक सूचकांक में बांड को शामिल करने पर उन्होंने कहा कि महामारी के बाद से कई चीजें बदल गई हैं. कोषों की आवक के मामले में खासतौर से ऐसा है. सीतारमण ने कहा कि फंड की आवक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. निश्चित रूप से इसकी बड़ी वजह महामारी है. 

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क्या टैक्स-जीडीपी रेश्यो बढ़ाने का हो रहा है विचार
उन्होंने कहा, ''हालांकि, मैं जल्द ही इस पर एक तार्किक निष्कर्ष की उम्मीद करती हूं. यह पूछने पर कि क्या सरकार कर-जीडीपी अनुपात बढ़ाने की योजना बना रही है, उन्होंने कहा कि कर आधार को बड़ा करना एक ऐसा मुद्दा है, जिसके लिए बहुत अधिक परामर्श और विश्लेषण की जरूरत है. वित्त मंत्री ने कहा, ''लेकिन हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ऐसा अधिक उचित ढंग से तथा तकनीक की मदद से किया जाए. उन्होंने कहा, ''भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लिए बहुत सी चीजों को फिर से आकार देना होगा. इस लक्ष्य को पाने के लिए डिजिटलीकरण, शिक्षा और बुनियादी ढांचा सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं. 
 

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