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एस्सेल ग्रुप की कंपनी 'कोंटी इंफ्रापावर एंड मल्टीवेंचर्स' ने दावा किया कि उसने एक समझौते के तहत कोटक AMC को 12.99 करोड़ रुपये एडवांस में दिए थे. लेकिन शर्तों पूरी होने के बाद उसने वह पैसा वापस नहीं लौटाया.
कोटक महिंद्रा की एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) बुरे संकट में फंस गई है. एस्सेल ग्रुप ने कोटक एमएमसी को 12.99 करोड़ रुपये की देनदारी के मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में घसीटा है. यह मामला NCLT की मुंबई ब्रांच में चल रहा है. इस मामले में कोटक AMC पर हार के बादल मंडरा रहे हैं. अगर ऐसा हुआ तो उस पर दिवालिया प्रक्रिया शुरू हो सकती है. आखिर क्या है यह 13 करोड़ के धोखाधड़ी का मामला आइये जानते हैं.
दरअसल, एस्सेल ग्रुप की कंपनी 'कोंटी इंफ्रापावर एंड मल्टीवेंचर्स' ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में एक याचिका दायर की है. याचिका में कोंटी ने बताया कि उसने 6 अप्रैल, 2019 को कोटक AMC के साथ एक करार किया था. जिसके तहत एमएमसी को उसने 12.99 करोड़ रुपये एडावंस में दिए थे. समझौते में लिखा था कि कुछ शर्तों के पूरा होने के बाद कोटक AMC को यह पूरा पैसा वापस कोंटी इंफ्रापावर को लौटाना होगा.
करार में यह भी था कि SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) कोटक AMC की अप्रैल 2019 से मार्च 2020 की रूटीन सालाना जांच पूरी कर लेगा. इसके बाद जैसे ही SEBI इस जांच पर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, कोटक AMC को अपने यूनिट होल्डर्स (निवेशकों) का पैसा चुका देगी, जो एक NCD (नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर) से जुड़ा था.
कहां फंसा पेच?
कोंटी इंफ्रापावर का दावा है कि ये सारी शर्तें अब पूरी हो चुकी हैं. SEBI ने 28 मार्च, 2023 को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी. कोटक AMC ने अपने निवेशकों का पैसा भी लौटा दिया. लेकिन 6 जुलाई 2022 को जब उसने कोटक AMC को चिट्ठी लिखकर अपना पैसा वापस मांगा, तो बहाना लगाने लगा. कोटक ने 28 जुलाई 2022 को जवाब में कहा कि SEBI की जांच अभी पूरी नहीं हुई है. इससे उसकी पैसा नहीं लौटाने का मंशा साफ जाहिर होती है.
कोंटी इंफ्रापावर ने कितना दिया एडवांस?
यह मामला असल में Essel Group की कंपनियों की तरफ से जारी किए गए 20 करोड़ रुपये के NCDs से जुड़ा है. इन NCDs को कोटक AMC ने खरीदा था, जिसके बदले में Zee Entertainment Enterprises Ltd के शेयर गिरवी रखे गए थे. बाद में फरवरी 2019 में कोटक AMC ने ये 20 करोड़ के NCDs कुछ दूसरे निवेशकों को बेच दिए. इसी डील के हिस्से के रूप में कोंटी इंफ्रापावर ने कोटक AMC को 12.99 करोड़ रुपये एडवांस दिए थे.
एस्सेल ग्रुप के प्रवक्ता ने भी इस बात की पुष्टि की है. उनका कहना है, 'कोंटी इंफ्रापावर ने NCDs के तहत कोटक AMC को पूरा भुगतान सितंबर 2019 में ही कर दिया था. यह जो 12.99 करोड़ का मामला है, यह एक अलग लेनदेन है, जिसमें कोंटी ने कोटक AMC को एडवांस दिया था. कोटक AMC को यह पैसा कुछ मील के पत्थर पूरे होने पर लौटाना था, जिसे चुकाने में वे डिफॉल्ट कर गए हैं. इसीलिए हमें उनके खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए याचिका दायर करनी पड़ी.'
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