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दिल्ली में केवल हवा ही नहीं बिगड़ रही है बल्कि यहां की अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ रहा है. दिल्ली की बिगड़ती हवा से दिल्ली के कारोबारियों को करोड़ों को नुकसान हुआ है.
Impact of Delhi's pollution on the economy :दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शनिवार सुबह 'बहुत खराब' श्रेणी में रहा. पिछले सप्ताह से दिल्ली की हवा लगातार इसी श्रेणी में आ रही है. भारतीय राजधानी में कई निगरानी स्टेशनों पर AQI 300 से 400 के बीच रहा, जो निर्धारित सुरक्षित सीमा 50 से छह से आठ गुना अधिक है. शहर के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में स्थिति और भी खराब है, जहां AQI मीटर 400 से ऊपर की रीडिंग दिखा रहा था.
विशेषज्ञ दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए कई कारकों को जिम्मेदार मानते हैं. इन कारकों में बारिश की कमी, स्थानीय उत्सर्जन (Local emissions) और क्षेत्रीय कारक शामिल हैं. इसमें आसपास के राज्यों में खेतों में आग लगाना भी शामिल है. धीमी हवाएं और ठंडे तापमान ने भारतीय राजधानी में वायु संकट को और बढ़ा दिया है.
दिल्ली का कारोबार भी ठप्प
इस बीच, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) की एक रिपोर्ट से पता चला है कि तथाकथित जीआरएपी-4 या ग्रेडेड एक्शन रिस्पांस प्लान के तहत दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से शहर को लगभग 2,500 करोड़ रुपये (300 मिलियन डॉलर) का नुकसान हुआ है. सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण बाजारों में लोगों की संख्या में भारी गिरावट आई है और पर्यटन क्षेत्र में भी मंदी आई है.
गोयल ने कहा कि AQI संकट से पहले दिल्ली के बाजारों में लगभग 300,000 से 400,000 आगंतुक आते थे, लेकिन तब से यह संख्या घटकर 100,000 से कुछ ज्यादा रह गई है. इसका मतलब है कि दिल्ली के खुदरा विक्रेताओं और व्यवसायों को प्रतिदिन 12 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो रहा है, क्योंकि खरीदार ऑनलाइन शॉपिंग की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.
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GRAP-4 के प्रतिबंधों का असर
GRAP-4 प्रतिबंधों ने निर्माण क्षेत्र को भी काफी नुकसान पहुंचाया है, क्योंकि गतिविधियों पर दर्जनों प्रतिबंध लगाए गए हैं. इसने कई दिहाड़ी मजदूरों को बेरोजगार कर दिया है. भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि स्टेज 4 के प्रतिबंध कम से कम 2 दिसंबर तक लागू रहेंगे. इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय अगली सुनवाई में प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर सकता है.
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