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CNG-PNG Price Hike: यहां गाड़ी चलाना और खाना पकाना दोनों हुआ महंगा, देखें लेटेस्ट प्राइस 

महानगर गैस ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतों में 4 रुपये प्रति एससीएम की बढ़ोतरी की भी अधिसूचना जारी की है.

CNG-PNG Price Hike: यहां गाड़ी चलाना और खाना पकाना दोनों हुआ महंगा, देखें लेटेस्ट प्राइस 

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डीएनए हिंदीः महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमत में 6 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की घोषणा की है. इससे मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी की कीमतें 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. महानगर गैस ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतों में 4 रुपये प्रति एससीएम की बढ़ोतरी की भी अधिसूचना जारी की है. जिसकी वजह से पीएनजी की कीमतें बढ़कर 52.50 रुपये प्रति एससीएम हो गई हैं. यह बढ़ोतरी सोमवार मध्यरात्रि से प्रभावी हो गई है. मुंबई में वाहन मालिकों को आज यानी 4 अक्टूबर से सीएनजी और पीएनजी की बढ़ी हुई कीमतों का भुगतान करना होगा.

क्यों करनी पड़ी बढ़ोतरी 
कीमतों में वृद्धि अनिवार्य रूप से ट्रांसपोर्ट चार्ज को प्रभावित करेगी, एमजीएल ने सप्लाई में कटौती के साथ खुदरा कीमतों में भारी वृद्धि के लिए 1 अक्टूबर से सरकार द्वारा इनपुट कीमतों में 40 फीसदी की वृद्धि का हवाला दिया. गौरतलब है कि सरकार गैस की कीमतों में सालाना दो बार संशोधन करती है- 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक और 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक. तो, 1 अक्टूबर से 31 मार्च की कीमत जुलाई 2021 से जून 2022 तक औसत कीमत पर आधारित है.

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110 फीसदी तक बढ़ी थी कीमतें 
तेल मंत्रालय के पेट्रोलियम मूल्य निर्धारण और विश्लेषण प्रकोष्ठ ने 30 सितंबर को 1 अक्टूबर से अगले छह महीनों के लिए नई कीमतों की घोषणा की, जिसमें घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस की कीमतों में 40 फीसदी की भारी वृद्धि की गई. 1 अप्रैल में, बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों का हवाला देते हुए, इसे 110 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया था. वृद्धि के साथ, सीएनजी और पेट्रोल के बीच कीमतों में बचत अब 45 फीसदी तक कम हो गई है, जबकि पीएनजी और एलपीजी की बचत घटकर केवल 11 फीसदी रह गई है.

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रुपये में गिरावट भी बना कारण 
एमजीएल ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के अलावा, सरकार ने एमजीएल को गैस के आवंटन में भी 10 फीसदी की कमी की है, जिसके कारण एमजीएल को बाजार से काफी अधिक लागत पर स्रोत की आवश्यकता होती है. इसने रुपये में गिरावट को बढ़ोतरी का एक अन्य कारण भी बताया. 30 सितंबर को, सरकार ने वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए प्राकृतिक गैस की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर पर 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की.

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