बिजनेस
बिजनेस सिर्फ पुरुष नहीं महिलाएं भी कर सकती हैं और ये बात शशि सोनी ने साबित की है. उन्होंने एक के बाद एक बिजनेस किए, जहां उन्होंने काफी संघर्ष किया.
महिलाएं सिर्फ आज के दौर में ही नहीं पुरुष के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है. काफी लंबे समय से महिलाएं अपनी पैरों पर खड़ी होकर सिर्फ पुरुषों से नहीं बल्कि समाज से आंख से आंख मिला रही हैं. बिजनेस सिर्फ पुरुष नहीं महिलाएं भी कर सकती हैं और ये बात शशि सोनी ने साबित की है. उन्होंने एक के बाद एक बिजनेस किए, जहां उन्होंने काफी संघर्ष किया. लेकिन शशि ने कभी हार नहीं मानी है और न ही कभी पीछे मुड़कर देखा. इतना ही नहीं, शशि को पद्म पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुकी हैं. उन्होंने 10000 रुपये से अपना कारोबार शुरू किया था और आज करोड़ों का साम्राज्य बना दिया.
पाकिस्तान से भारत आकर जमाया रंग
बेंगलुरु के कर्नाटक की रहने वाली शशि सोनी का जन्म 4 अप्रैल 1941 में पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था. भारत और पाकिस्तान के बीच बंटवारा हुआ, तब शशि ने पाकिस्तान छोड़कर भारत शिफ्ट हो गईं. फिर उन्होंने बिजनेस की सोची और आज करोड़ों का बिजनेस बना दिया है.
10000 से शुरू किया था अपना बिजनेस
शशि सोनी ने साल 1971 में 10000 रुपये से दीप ट्रांसपोर्ट का बिजनेस शुरू किया था. हालांकि, सिर्फ 4 साल बाद उन्हें ठप पड़ गया. उन्होंने हार नहीं मानी और फिर 1975 में पहला एसी सिनेमा शुरू किया, जिसका नाम दीप मंदिर सिनेमा रखा. लेकिन अगले पांच साल यानी 1980 तक ये कारोबार चला. लगातार बिजनेस फ्लॉप होने के बाद भी शशि ने कभी हार नहीं मानी और लगातार संघर्ष किया.
फिर इस तरह बदली किस्मत
शशि ने दो बिजनेस बंद करने के बाद तीसरा बिजनेस शुरू किया. इस बार ऑक्सीजन प्राइवेट लिमिटेड की नींव रखी. शशि को इस गैस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से काफी फायदा हुआ और कमाई भी तगड़ी हुई. लेकिन फिर साल 2005 में शशि ने ईज्मो लिमिटेड (IZMO LTD) से कंपनी बनाई.
शशि ने साल 2005 में ईज्मो लिमिटेड की स्थापना की, जो मार्केट सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है. आज ये कंपनी अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया में हाई-टेक ऑटोमोटिव सॉल्यूशंस सर्विस देती है. हालांकि, शशि यहीं नहीं रुकी. उन्होंने फिर IZMO LTD की कई सब्सिडियरी कंपनियों शुरू कर दी. उन्होंने Homestar Systems, Inc. समेत izmocars Europe BVBA जैसी कंपनियां खोली. शशि को साल 2024 में पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है.
आज बनाया करोड़ों का साम्राज्य
शशि ने भले ही कई बार असफलता का सामना किया है. लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. आज शशि की कंपनी का सालाना टर्नओवर 4150 करोड़ रुपये पार कर चुका है. शशि ने दुनिया को दिखाया दिया है कि अगर एक महिला कुछ चाह ले, तो वो हर हाल में करके ही रहती है. शशि की इस संघर्ष की कहानी से अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिलेगी.
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