बिजनेस
आज हम आपको उस शख्स से मिलवाने जा रहे हैं जिन्होंने अपना एक बिजनेस फेल होने के बाद भी हार नहीं मानी और पूरे मेहनत और लगन के साथ एक नया स्टार्टअप शुरू किया. आज वह हर महीने इस बिजनेस से 25 लाख रुपये तक निकाल रहे हैं.
कहते हैं कि बिजनेस करना गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं है. इसमें नफा-नुकसान लगा ही रहता है. जो शख्स अपनी असफलता से घबराए बिना इसमें लगा रहता है, एक न एक दिन उसे सफलता जरूर मिलती है. अगर आप शुरुआत में इसमें फेल हो गए हैं तो इसका मतलब यह बिलकुल भी नहीं है कि आपके उद्यमी बनने का सफर भी खत्म हो गया. अभिषेक साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. वह अपने एक स्टार्टअप में फेल हो गए तो उन्होंने अपने शौक को ही बिजनेस बनाने की ठानी और आज पूरी सफलता के साथ हर महीने इससे मोटी कमाई कर रहे हैं
अभिषेक मूल रूप से मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के रामपुर गांव के रहने वाले हैं. करीब 15 साल पहले वह कमाई की तलाश में भोपाल पहुंचे और वहां एक इंटरनेट कैफे शुरू किया. लेकिन शायद वह मार्केट को ठीक तरह से समझ नहीं पाए थे. स्मार्टफोन का दौर शुरू होने के बाद आसानी से इंटरनेट एक्सेस होने की वजह से उनका यह बिजनेस महज 1 साल के अंदर ही बंद हो गया. जहां अधिकतर लोग एक झटके के बाद ही अपने पांव पीछे खींच लेते हैं, वहीं अभिषेक ने अपनी बिजनेस की महत्वाकांक्षाओं पर रोक लगाने की जगह फूड बिजनेस में एंट्री करने की सोची.
उन्हें खाने-पीने का शौक बचपन से ही था और वह यूट्यूब पर रेसिपी देखकर अलग-अलग पकवान भी बनाया करते थे जिसे उनके घर में काफी पसंद किया जाता था. उन्होंने सोचा कि क्यों न अपने शौक को ही बिजनेस में बदला जाए. उन्होंने सिर्फ 30 हजार रुपयों के इंवेस्टमेंट के साथ एक छोटा सा सैंडविच कार्ट शुरू किया. ऐसा नहीं था कि उन्हें फूड बिजनेस में पहले से कोई अनुभव था. उन्होंने यूट्यूब से ही सैंडविच की रेसिपी सीखी और इसे बनाकर अपने ग्राहकों को खिलाना शुरू किया.
उनके वेंचर का नाम हरिहर सैंडविच है. उनकी शुरुआत तो धीमी रही लेकिन धीरे-धीरे उनका यह बिजनेस बढ़ने लगा. सोशल मीडिया पर प्रथम नाम के यूजर के दावे के मुताबिक, वीकडे में वह 600 तक सैंडविच बेच लेते हैं और वीकेंड पर तो यह बिक्री 1000 सैंडविच तक भी पहुंच जाती है. उनके बिजनेस का टर्नओवर अब हर महीने 25 लाख रुपये तक पहुंच गया है.
सोशल मीडिया ने भी अभिषेक साहू के इस बिजनेस को पंख देने में बड़ी भूमिका निभाई. नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सैंडविच कार्ड की एक रील इंस्टाग्राम पर वायरल हो गई, जिसके बाद भोपाल के अलग-अलग हिस्सों से ग्राहक उनके हाथों से बना सैंडविच खाने के लिए आने लगे. अब ग्राहक उनके हाथ का स्वाद चखने के लिए 30 से 50 मिनट तक इंतजार करने के लिए भी तैयार रहते हैं.
अभिषेक अपना सैंडविच कार्ट रोजाना काकरा अभिनव होम्स के सामने, अयोध्या बाइपास रोड पर मिनल रेसिडेंसी के गेट नंबर 3 और 4 के पास लगाते हैं. अभिषेक के साथ उनके भाई दीपक भी इस काम में उनके साथ लगे रहते हैं. लोकल 18 से बातचीत में उन्होंने बताया कि हर दिन जितना भी सामान लाया जाता है, वह रात तक बिक जाता है.
इन दोनों भाईयों की कहानी यह सिखाती है कि एक बार असफलता का यह मतलब बिलकुल भी नहीं है कि आप कभी बिजनेस में सफल नहीं हो पाएंगे. अगर आपमें हुनर है और हर दिन खुद को बेहतर बनाते रहने की ललक भी साथ है तो आपको सफल होने से कोई रोक नहीं सकता.