डीएनए मनी
केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को 8वां वेतन आयोग की घोषणा करके एक नई सौगात दी है. अब लोगों के सवाल हैं कि वेतन आयोग काम कैसे करता है और इस बार कितनी सैलरी बढ़ेगी. सभी सवालों के जवाब जानें यहां.
8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को नई सौगात दी है. सरकार ने आठवें आयोग की घोषणा कर दी है. इस घोषणा के साथ ही देश के 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की मौज आ गई है. केंद्र सरकार के इस फैसले का असर दिल्ली के 4 लाख केंद्रीय कर्मचारियों पर भी पड़ेगा. केंद्र सरकार का ये फैसला 1 जनवरी 2026 से लागू होगा. अब लोगों के सवाल हैं कि वेतन आयोग कैसे तय करता है कि कितनी सैलरी बढ़ेगी और इसकी वर्किंग का तरीका क्या है. आइए जानें सभी सवालों के जवाब यहां.
क्या है वेतन आयोग?
वेतन आयोग कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए कई फैक्टर्स पर काम करता है. वेतन आयोग एक हाई लेवल कमेटी होती है. पहले वेतन आयोग का गठन 1946 में किया गया था. इसमें वित्त, वेतन, मानव संसाधन आदि के विशेषज्ञ होते हैं. वेतन आयोग कर्मचारियों के आर्थिक कल्याण के लिए सुधारों की सिफारिश करता है. इसमें कर्मचारी कल्याण की नीतियां, भत्ते और अन्य लाभ शामिल होते हैं. वेतन आयोग का मकसद यह करना होता है कि कर्मचारियों को आर्थिक परिस्थितियों के हिसाब से सम्मानजनक जीवन जीने लायक उचित वेतन मिल सके. आमतौर पर वेतन आयोग का गठन हर 10 साल में एक बार किया जाता है.
वेतन आयोग कैसे करता है कि कितनी बढ़ेगी सैलरी?
वेतन आयोग देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई सभी को ध्यान में रखता है. एक 'तर्कसंगत' और 'उचित सैलरी' लेवल तक पहुंचने के लिए वेतन आयोग महंगाई दर, अर्थव्यवस्था की स्थिति, बाजार के वेतन और कर्मचारियों की परफोर्मेंस पर भी गौर करता है. बता दें, वेतन आयोग वेतन बढ़ाने के अलावा पेंशन, भत्ते, काम की परिस्थितियों में सुधार, कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण आदि की भी सिफारिशें करता है.
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8वें वेतन आयोग के बाद कितनी बढ़ेगी सैलरी?
एक्स्पर्ट्स का मानना है कि 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर को 2.28 से 2.86 तक रख सकता है. अगर इस फिटमेंट फैक्टर को अपनाया गया तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18 हजार से बढ़कर 41000 से 51480 रुपये के बीच पहुंच सकती है. वहीं, इस आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद 9000 रुपये की न्यूनतम पेंशन बढ़कर 25,740 हो जाएगी. फिटमेंट फैक्टर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में सुधार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाले एक फॉर्मूल हा. फिटमेंट फैक्टर से कर्मचारियों को महंगाई के साथ संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है. यही वजह है कि कर्मचारी संघ फिटमेंट फैक्टर को 3 से ज्यादा रखने की मांग कर रहे हैं.
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