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सितंबर से इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख से लेकर रसोई गैस वेरिफिकेशन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बोर्डिंग पास की स्टैंपिंग बंद होने तक, कई नए नियम प्रभावी हो रहे हैं.
सितंबर का महीना शुरू होते ही हमारी रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. टैक्स भरने की आखिरी तारीख से लेकर एयरपोर्ट के नए नियमों और रसोई गैस की कीमतों तक, ऐसे कई काम हैं जिन पर आपको ध्यान देना जरूरी है. आपको बताते हैं कि सितंबर महीने के साथ कौन-कौन से बड़े बदलाव आ रहे हैं.
जिन लोगों की कमाई किसी बिजनेस या पेशे से होती है और जिनके खातों का ऑडिट होना जरूरी नहीं है, उनके लिए वित्त वर्ष 2026-27 का इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है यानी अगर आपने अभी तक अपना ITR जमा नहीं किया है, तो 1 सितंबर का इंतजार न करें.
अपनी कमाई के हिसाब से सही फॉर्म चुनकर तुरंत रिटर्न भर दें. जिन लोगों की कमाई अनुमानित टैक्स योजना के दायरे में आती है, वे ITR-4 चुन सकते हैं, जबकि अन्य कारोबारी ITR-3 का इस्तेमाल कर सकते हैं.
1 सितंबर से भारत से विदेश यात्रा करने वालों को एयरपोर्ट पर एक बड़ी राहत मिलने जा रही है. अब इमिग्रेशन काउंटर पर आपके बोर्डिंग पास पर स्टैंप लगाने की पुरानी प्रथा खत्म की जा रही है. यात्री अब अपने मोबाइल में ई-बोर्डिंग पास दिखा कर आसानी से आगे बढ़ सकते हैं.
अगर आपके पास कागज वाला बोर्डिंग पास है, तब भी उस पर मोहर नहीं लगाई जाएगी. इससे एयरपोर्ट पर लगने वाली लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी और यात्रा का अनुभव बेहतर होगा.
घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन धारकों के लिए बायोमेट्रिक e-KYC कराने की आखिरी तारीख 31 अगस्त रखी गई है. इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां लगातार ग्राहकों से यह वेरिफिकेशन पूरा करने की अपील कर रही हैं. अगर आपने अभी तक यह काम नहीं निपटाया है, तो इसे तुरंत पूरा कर लें, ताकि आपको गैस सिलेंडर की बुकिंग या सब्सिडी में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
बैंक में FD कराने वालों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने कुछ नए नियम तय किए हैं. हालांकि, ये नियम 1 सितंबर से नहीं बल्कि 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. इसके तहत बैंकों को 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की बड़ी जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज की दरें रोज अपनी वेबसाइट पर साफ-साफ बतानी होंगी. आम छोटे निवेशकों पर इसका सीधा असर भले ही न पड़े, लेकिन इससे बैंकों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी.
हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 सितंबर को भी एलपीजी सिलेंडर, हवाई ईंधन और कुछ बैंकिंग सेवाओं के चार्ज में बदलाव देखने को मिल सकता है. तेल कंपनियां वैश्विक बाजार के हिसाब से गैस और ATF के नए दाम तय करती हैं. इसलिए महीने की शुरुआत में अपने शहर में एलपीजी सिलेंडर की नई दरें जांचना न भूलें.
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