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8th Pay Commission: क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? जिससे 50 लाख सरकारी कर्मचारियों की हो जाएगी बल्ले-बल्ले

क्या कभी आपने सोचा है कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी कैसे तय होती है? ये सैलरी तय करता है वेतनमान आयोग यानी Pay Commission. फिलहाल सबकी नज़र 8th Pay Commission के सुझावों पर टिकी हुई है.

8th Pay Commission: क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? जिससे 50 लाख सरकारी कर्मचारियों की हो जाएगी बल्ले-बल्ले
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8th Pay Comission के Fitment Factor को लेकर चर्चा तेज़ है. रिपोर्ट्स की मानें तो आठवें वेतनमान आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.86 हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो केंद्र सरकार के 50 लाख सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 2.86 गुना बढ़ जाएगी.

क्या होता है Fitment Factor?

फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा आंकड़ा है जिसे पे कमीशन महंगाई और दूसरे आर्थिक फैक्टर्स को ध्यान में रखकर तय करता है. इस फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही सरकारी कर्मचारी की नई बेसिक सैलरी तय होती है. 

Fitment Factor का गणित?

इसका गणित बेहद आसान है. बेसिक X फिटमेंट फैक्टर= नई बेसिक सैलरी.

मान लीजिए कि एक व्यक्ति की बेसिक सैलरी 10 हजार है और 8th Pay Commission का फिटमेंट फैक्टर 2.86 है, तो आठवां पे कमीशन लागू होने पर उसकी नई बेसिक सैलरी- 28,600 रुपये हो जाएगी.

Fitment Factor पहले क्या था?

7th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था. इस फिटमेंट फैक्टर का फायदा केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को मिलता है. इस फिटमेंट फैक्टर के चलते 7th Pay Commission में केंद्र सरकार के कर्मचारियों का Minimum Basic Pay 7 हजार से बढ़कर 18 हजार हो गया था. अगर 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो इस बार Minimum Basic Pay 18 हजार से बढ़कर 51480 रुपये हो जाएगा.

सरकारी कर्मचारियों को बेसिक पे के अलावा क्या-क्या मिलता है?

बता दें कि सरकारी कर्मचारियों को बेसिक पे के साथ-साथ DA यानी महंगाई भत्ता, HRA यानी घर के किराए का भत्ता, कन्वेंयेंस, मेडिकल और विशेष भत्ते भी दिए जाते हैं. 

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