Advertisement
हिंदी न्यूज़बिहार चुनाव 2025

Bihar Election: Maithili Thakur या Vinod Mishra पॉपुलर Alinagar सीट का क्या है गणित?

बिहार विधानसभा चुनाव में, मैथिली ठाकुर अलीनगर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. इस सीट पर मैथिली के सामने राजद के स्थानीय उम्मीदवार विनोद मिश्रा हैं, जिन्होंने अलीनगर में भीतरी बनाम बाहरी को मुद्दा बनाया है.

Latest News
Bihar Election: Maithili Thakur या Vinod Mishra पॉपुलर Alinagar सीट का क्या है गणित?
Add DNA as a Preferred Source

बिहार विधानसभा चुनावों में यूं तो तमाम सीटों पर कांटे की टक्कर है. मगर जिस सीट ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया, वो बनी है दरभंगा ज़िले की अलीनगर सीट.  जी हां सही सुना आपने. इस पॉपुलर सीट से भाजपा का 25 साल की फोक सिंगर मैथिली ठाकुर पर दांव लगाना भर था सीट ने सुर्ख़ियों का बाजार गर्म कर दिया है. अलीनगर में मैथिली की लड़ाई आरजेडी के विनोद मिश्रा से है. 

बता दें कि अलीनगर सीट का चुनाव भाजपा बनाम राजद की लड़ाई न होकर 'स्थानीय बनाम बाहरी' की बहस में बदला. जैसे समीकरण बने, वो यही बता रहे हैं कि यहां आरजेडी आपदा में अवसर तलाश कर सकती है.

क्योंकि फाइनल नतीजे आने में अभी वक़्त है. इसलिए सवाल जस का तस है कि अलीनगर मैथिली को स्वीकार करेगा या नहीं. ध्यान रहे कि मैथिली का पैतृक घर मधुबनी ज़िले में है और वे दिल्ली में पली-बढ़ी हैं.  मतदान से पहले विपक्ष ने इस बात को खूब ज़ोर-शोर से प्रचारित और प्रसारित किया था.

राजद उम्मीदवार विनोद मिश्रा, जो पूरी तरह से स्थानीय हैं, ने पूर्व में इस बात पर ज़ोर दिया था कि 'अलीनगर को अपने लोगों की ज़रूरत है, बाहरी लोगों की नहीं.' वहीं, तब भाजपा का तर्क था कि मैथिली भौगोलिक सीमाओं से परे 'नए विचारों और नए बिहार' का प्रतिनिधित्व करती हैं.

जिक्र यदि अलीनगर में मैथिली ठाकुर की जीत का हो तो भाजपा को उम्मीद है कि मैथिली की लोकप्रियता और युवा छवि अलीनगर के मतदाताओं को आकर्षित करेगी.

मैथिली को लेकर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मत यही है कि 'गायन प्रसिद्धि' और 'राजनीतिक कौशल' में ज़मीन-आसमान का अंतर है. इस बात में कोई शक नहीं है कि लोगों की एक बड़ी आबादी मैथिली की रैलियों में उनका गाना सुनने तो आई लेकिन उन्होंने उसे वोट दिया या नहीं? सवाल का जवाब हमें अगले कुछ दिनों में पता चल जाएगा.

जिक्र अगर मैथिली के मुकाबले खड़े हुए राजद के विनोद मिश्रा का हो तो 2020 में, उन्होंने वीआईपी पार्टी से चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा के मिश्री लाल यादव से केवल 3,101 वोटों से हार गए थे. अब राजद के टिकट पर, उनका लक्ष्य यादव-मुस्लिम-ब्राह्मण वोट बैंक को सुरक्षित करना है.

क्या बताता है अलीनगर का चुनावी इतिहास ?

अलीनगर विधानसभा क्षेत्र 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया। 2010 और 2015 में राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी यहां से जीते. 2020 में, वीआईपी पार्टी के मिश्री लाल यादव ने राजद उम्मीदवार को मामूली अंतर से हराया.

इस बार, बदलते परिदृश्य के बीच विनोद मिश्रा मैदान में लौट रहे हैं. इस सीट को लेकर दिलचस्प यह कि यहां से वीआईपी का प्रभाव कम हो गया है जबकि भाजपा ने मैथिली को एक नए चेहरे के रूप में मैदान में उतारा है.

बहरहाल बात मैथिली और विनोद मिश्रा दोनों की हुई है तो हम बस ये कहकर अपनी बात को विराम देंगे कि दोनों की जीत हार का फैसला 14 नवंबर को जाएगा लेकिन जिस हिसाब से अलीनगर की जनता ने भीतरी बनाम बाहरी का मुद्दा बनाया, विनोद मिश्रा बाजी मार ले जाएं कोई बड़ी बात नहीं.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement