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Bihar: प्रशांत किशोर को इलेक्शन कमीशन का नोटिस, चुनाव से पहले इस मामले में फंसे जन सुराज प्रमुख

बिहार चुनाव से पहले प्रशांत किशोर बड़ी मुसीबत में फंसते हुए नजर आ रहे है. दरअसल दावा किया जा रहा है कि प्रशांत किशोर का नाम दो राज्यो की वोटिंग लिस्ट में दर्ज है, इस दावे के बाद से बिहार की राजनीति गर्माई हुई है.

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Bihar: प्रशांत किशोर को इलेक्शन कमीशन का नोटिस, चुनाव से पहले इस मामले में फंसे जन सुराज प्रमुख

prashant kishore

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इस बार अपनी पार्टी जन सुराज को आगे बढ़ाते हुए बिहार की राजनीति में नए समीकरण स्थापित करने वाले प्रशांत किशोर अब नए विवादों के केंद्र में हैं. दरअसल प्रशांत किशोर पर उन पर दो अलग-अलग राज्यों के वोटर आईडी कार्ड रखने का आरोप है. पहला बिहार और दूसरा पश्चिम बंगाल यानी की जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर पर आरोप है कि वे दो राज्यों में मतदान करते हैं. इस सनसनीखेज खुलासे ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है.

चुनाव आयोग ने जारी किया नोटिस

इस मामले पर अब चुनाव आयोग भी हकरत में आ गया है. आयोग ने इस दावे की सच्चाई जानने के लिए जांच शुरू कर दी है. इतना ही नहीं चुनाव आयोग ने उन्हें दो राज्यों की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने के मामले में नोटिस जारी किया है. आयोग ने प्रशांत किशोर से तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है. बता दें कि इन नियम का उल्लंघन होने पर एक साल की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. दरअसल इंडिन एक्सप्रेस की रिपोर्ट कहती है प्रशांत किशोर पश्चिम बंगाल और बिहार दोनों जगह की वोटिंग लिस्ट का हिस्सा है. 

यहां पर दर्ज हैं नाम

बंगाल में उनका नाम कोलकाता के 121 कालीघाट रोड के पते पर दर्ज है. ये वही पता है जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मुख्यालय है और यह इलाका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में आता है. दूसरी ओर बिहार के रोहतास जिले के कोंअर गांव की वोटर लिस्ट में भी प्रशांत किशोर का नाम है. यह उनका पैतृक गांव है, जो करगहर विधानसभा क्षेत्र में आता है. यहां उनका मतदान केंद्र माध्य विद्यालय, कोंअर बताया गया है. लेकिन हकीकत क्या है ये चुनाव आयोग की जांच की बाद ही पता चलेगा. 

क्या कहता है नियम

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में वोटर नहीं हो सकता. वहीं धारा 18 कहती है कि एक ही क्षेत्र में किसी व्यक्ति का नाम दो बार दर्ज नहीं किया जा सकता. अगर ऐसा होता है तो  मतदाता अपना निवास स्थान बदलता है, तो उसे Form-8 भरकर पुरानी वोटर लिस्ट से नाम हटवाना होता है.

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