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UP Election 2022: जब प्रचार करते समय आमने-सामने आ गए अखिलेश और प्रियंका, देखिए फिर क्या हुआ

Uttar Pradesh Elections: प्रियंका एक खुली जीप में बैठी थीं, जबकि अखिलेश चुनाव प्रचार के लिए खास तौर से डिजाइन बस (रथ) में यात्रा कर रहे थे.

UP Election 2022: जब प्रचार करते समय आमने-सामने आ गए अखिलेश और प्रियंका, देखिए फिर क्या हुआ

Image Credit- Twitter/YadavAkhilesh

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डीएनए हिंदी: पहले चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले पश्चिमी यूपी में सभी सियासी दलों ने जान लगाई हुई है. गुरुवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुलंदशहर में थे. यहां दोनों नेताओं का चुनाव प्रचार के समय आमना-सामना हुआ. दोनों नेताओं का काफिला जब अमने-सामने से गुजरा तो उन्होंने अपने-अपने वाहनों से हाथ हिलाकर दुआ-सलाम किया.

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने बताया, "प्रियंका गांधी बुलंदशहर के स्याना इलाके में अपनी जीप से प्रचार कर रही थीं. इसी दौरान सड़क के दूसरी ओर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का रथ भी गुजर रहा था. प्रियंका को सामने देख अखिलेश ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया."

उन्होंने बताया कि इस दौरान अखिलेश के साथ मौजूद उनके गठबंधन के सहयोगी रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी प्रियंका का अभिवादन किया. जवाब में प्रियंका ने भी हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर उनका अभिवादन स्वीकार किया.

प्रियंका (Priyanka Gandhi) एक खुली जीप में बैठी थीं, जबकि अखिलेश चुनाव प्रचार के लिए खास तौर से डिजाइन बस (रथ) में यात्रा कर रहे थे. दोनों नेताओं की मुलाकात जहांगीराबाद इलाके में हुई. अखिलेश के साथ सपा की गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रमुख जयंत चौधरी भी थे. दोनों नेताओं ने अपनी बस की छत से प्रियंका का अभिवादन किया और प्रियंका ने भी उन्हें इसका जवाब दिया.

बाद में स्याना में बारिश के बावजूद प्रियंका ट्रैक्टर पर बैठ कर प्रचार करती नजर आईं। दोनों नेताओं की इस दुआ-सलाम से उनके समर्थक काफी खुश नजर आए. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अखिलेश ने अपने ट्विटर हैंडल से इस नजारे की फोटो साझा करते हुए लिखा है "एक दुआ-सलाम ~ तहज़ीब के नाम."

प्रियंका और अखिलेश (Akhilesh Yadav) का यह अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है. सपा और कांग्रेस इस इस बार साथ मिलकर विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं लेकिन दोनों के बीच राजनीतिक तालमेल जरूर नजर आ रहा है. यही वजह है कि कांग्रेस ने करहल सीट से अखिलेश यादव के खिलाफ अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है.

इसी तरह जसवंत नगर सीट पर भी कांग्रेस ने अखिलेश के चाचा शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं खड़ा किया है. दूसरी ओर, सपा ने भी कांग्रेस के परंपरागत गढ़ माने जाने वाली अमेठी और रायबरेली से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है.

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