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Ghaziabad Election: बीजेपी का गढ़ है गाजियाबाद! पिछली बार जीतीं सभी पांचों विधानसभा सीटें

Uttar Pradesh Election: भारतीय जनता पार्टी ने गाजियाबाद की पांचों विधानसभा सीट पर अपने मौजूदा विधायकों पर भरोसा जताया है.

Ghaziabad Election: बीजेपी का गढ़ है गाजियाबाद! पिछली बार जीतीं सभी पांचों विधानसभा सीटें

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डीएनए हिंदी: उत्तर प्रदेश चुनाव में हर सियासी दल हर सीट के लिए अलग-अलग रणनीति बनाने में जुटा हुआ है. प्रदेश के प्रवेश द्वारा कहे जाने वाले गाजियाबाद में पांच विधानसभा सीटें हैं- गाजियाबाद, साहिबाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर और लोनी.  इन पांचों विधानसभा सीटों पर जातीय समीकरण पूरी तरह से अलग-अलग हैं. साल 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी सीटों पर अपना परचम लहराया था.

कौन है वर्तमान विधायक

  • गाजियाबाद- अतुल गर्ग
  • साहिबाबाद- सुनील शर्मा
  • लोनी- नंद किशोर गुर्जर
  • मुरादनगर- अजीतपाल त्यागी
  • मोदीनगर- डॉ. मंजू शिवाच

 

भाजपा ने सभी वर्तमान विधायकों को दिया टिकट

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गाजियाबाद की पांचों विधानसभा सीट पर अपने मौजूदा विधायकों पर भरोसा जताया है. गाजियाबाद विधानसभा में इस बार अतुल गर्ग का मुकाबला बसपा के केके शुक्ला से माना जा रहा है. केके शुक्ला टिकट बंटवारे के बाद भाजपा छोड़ बसपा में शामिल हुए हैं. साहिबाबाद में मुकाबला भाजपा के सुनील शर्मा और सपा के अमरपाल शर्मा के बीच है. अमरपाल शर्मा इस सीट से विधायक रह चुके हैं.

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लोनी में इस बार त्रिकोणीय हो सकता है. भाजपा के वर्तमान विधायक नंद किशोर गुर्जर को रालोद के मदन भैया और बसपा के मुस्लिम प्रत्याशी हाजी आकिल से कड़ी टक्कर मिल सकती है. मुरादनगर सीट पर अजीतपाल त्यागी को सपा के सुरेंद्र मुन्नी से चुनौती मिल रही है. अजीतपाल त्यागी मुरादनगर के दिग्गज नेता राजपाल त्यागी के बेटे हैं. मोदीनगर में मंजू शिवाच का मुकाबला रालोद के सुदेश शर्मा से है.

2012 में दिखी थी बसपा की आंधी

साल 2012 में गाजियाबाद जिले में बसपा (BSP) की आंधी देखने को मिली थी. यहां गाजियाबाद, साहिबाबाद, लोनी, मुरादनगर सीटों पर बसपा ने जीत दर्ज की थी. हालांकि तब से अब तक बसपा यहां लगातार कमजोर हुई है. गाजियाबाद में बसपा के बड़े नेता सुरेश बंसल अस्वस्थ होने के कारण चुनाव मैदान से दूर हैं. ऐसे में स्थानीय सियासी जानकारों का कहना है कि भाजपा को यहां हर सीट पर अपने विरोधियों पर बढ़त हासिल है.

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क्या कहते हैं जातीय समीकरण

गाजियाबाद जिले के मतदाताओं में ब्राह्मण, वैश्य, गुर्जर, ठाकुर, पंजाबी, यादव और मुस्लिम मतदाता प्रमुख हैं. लोनी और मुरादनगर सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी संख्या है जबकि गाजियाबाद सीट को वैश्य जाति के मतदाता प्रभावित करते हैं. साहिबाबाद सीट पर सबसे ज्यादा संख्या ब्राह्मण वोटर्स की है तो मोदीनगर में जाट मतदाता प्रभावी संख्या में हैं.

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