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UP Assembly Election 2022: इलाहाबाद उत्तर विधानसभा सीट पर कभी भी धर्म और जाति के नाम पर नहीं हुई वोटिंग

2017 में इस विधानसभा में कुल 51.48 प्रतिशत वोट पड़े थे. वहीं इस बार यहां 27 फरवरी को मतदान होना है.

UP Assembly Election 2022: इलाहाबाद उत्तर विधानसभा सीट पर कभी भी धर्म और जाति के नाम पर नहीं हुई वोटिंग
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डीएनए हिंदी: इलाहाबाद उत्तर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में आती है. इस विधानसभा के अंतर्गत प्रयागराज शहर का मुख्य हिस्सा आता है. यह क्षेत्र शिक्षा के मामले में सबसे ज्यादा समृद्ध है. इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद हाईकोर्ट, एमएनएनआईटी, जज आवास कॉलोनी जैसे हिस्से इसी के अंतर्गत आते हैं.  

2017 में इस विधानसभा में कुल 51.48 प्रतिशत वोट पड़े थे. वहीं इस बार यहां 27 फरवरी को मतदान होना है.

कैसा रहा है चुनावी इतिहास?
साल 1957 में बनी इस सीट पर 1962 से लेकर 1974 तक कोंग्रेस पार्टी की राजेन्द्र कुमारी वाजपेयी विधायक बनी रहीं. इसके बाद 1977 तक जनता पार्टी से बाबा राम आधार यादव विधायक रहे. 1980 में हुए उपचुनाव में राजेंद्र कुमारी वाजपेयी के बेटे अशोक वाजपेयी को जीत मिली. 1985 में जनता दल से अनुग्रह नारायण यहां विधायक बने. इसके बाद 1991 से सन 2007 तक इस सीट पर बीजेपी के डॉक्टर नरेंद्र सिंह गौर का कब्जा रहा. 

इसके बाद 2007 के चुनाव में अनुग्रह नारायण सिंह ने  जनता दल छोड़कर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और  लगातार दो बार इस सीट से विधायक चुने गए. वहीं 2017  के चुनाव में बीजेपी से हर्ष वर्धन बाजपाई अनुग्रह नारायण सिंह को 35,025 वोटों से मात देकर विधानसभा पहुंचे. 

2017 का रिपोर्ट कार्ड
विजेता पार्टी भारतीय जनता पार्टी
विजेता का नाम हर्षवर्धन बाजपाई
प्राप्त वोट  89,191    
निकटतम प्रतिद्वंद्वी अनुग्रह नारायण सिंह
पार्टी कांग्रेस
प्राप्त वोट 54,166
हार का अंतर 35,025
तीसरे स्थान पर   अमित श्रीवास्तव
पार्टी बहुजन समाज पार्टी 
प्राप्त वोट 23,388 

इसके अलावा निर्दलीय चुनाव लड़े पूर्व कमिश्नर बादल चटर्जी को 980 वोट से ही संतोष करना पड़ा था. 

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सामाजिक समीकरण
उत्तरी विधानसभा में लगभग चार लाख के आसपास मतदाता हैं. इनमें ब्राह्मण वोट लगभग एक से डेढ़ लाख और कायस्थ वोट 70 हजार से 1 लाख हैं. यहां अल्पसंख्यक मतदाता भी 40 हजार के आसपास हैं. हालांकि कहा जाता है कि इस सीट पर कभी धर्म और जाति के आधार पर मतदान नहीं हुआ. यहां मतदाता अपने जनप्रतिनिधि की विद्वता पर मतदान करते हैं.

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