Advertisement

जेनाभाई ठक्कर का बेटा कैसे बना Muhammad Ali Jinnah? गुजरात से है बंटवारे के विलेन का कनेक्शन

इतिहासकारों का कहना है कि मोहम्मद अली जिन्ना का परिवार हिंदू था जो कि बाद में मुस्लिम बन गया था, और उन्होंने अपना नाम लंदन में जाकर बदला था.

जेनाभाई ठक्कर का बेटा कैसे बना Muhammad Ali Jinnah? गुजरात से है बंटवारे के विलेन का कनेक्शन
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: भारत के बंटवारे के बाद पाकिस्तान (Pakistan) बनने के अहम विलेन मोहम्मद अली जिन्ना को माना जाता है. उनका जन्म कराची में हुआ था जो कि आज के पाकिस्तान में है. मोहम्मद अली जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah) के पिता का नाम जेनाभाई ठक्कर था. खबरों के मुताबिक जेनाभाई ठाकरे व्यापार की तलाश में गुजरात से कराची पहुंच गए थे. जेनाभाई ने अपने बेटे का नाम मोहम्मद अली जेनाभाई रखा क्योंकि गुजरात के इस इलाके में पिता का नाम पुत्र के नाम के साथ जोड़ा जाता है. जब जिन्ना लंदन गए थे तो उन्होंने अपना नाम बदलकर मोहम्मद अली जिन्ना रख लिया था. 

भारत विभाजन के विलेन मोहम्मद अली जिन्ना भारत के खिलाफ साजिशों में जुटे थे. गुजरात में जन्म लेने वाले जिन्ना ने भारत को ही बंटवारा का त्रास दिया है. गुजरात की मिट्टी के ही एक अन्य बेटे यानी लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के फौलादी इरादों के आगे जिन्ना की सभी साजिशें फेल हो गई. सौराष्ट्र और मध्य भारत के सभी रजवाड़ों का एकीकरण कर सरदार पटेल ने अखंड भारत का हिस्सा बनाया.

बीजेपी को गुजरात में सता रहा है डर? खुद पीएम मोदी करेंगे दो दर्जन रैलियां

जानकारी के मुताबिक मोहम्मद अली जिन्ना का जन्म कराची में हुआ था. मोहम्मद अली जिन्ना के दादा पूंजाभाई ठक्कर अपने पूरे परिवार के साथ गुजरात के राजकोट जिले के इसी मोटी पनेली गांव में रहा करते थे. पूंजाभाई ठक्कर के सबसे छोटे बेटे जेनाभाई ठक्कर का पुत्र था मोहम्मद अली जिन्ना थे. इतिहासकारों ने बताया है कि 16 वर्ष की उम्र में मोहम्मद अली जिन्ना की शादी गुजरात के मोटी पनेली गांव की ऐमीबाई से हुई थी लेकिन शादी के बाद मोहम्मद अली जिन्ना और ऐमीबाई की मुलाकात कभी नहीं हुई थी. 

मोहम्मद अली जेनाभाई यानी जिन्ना का परिवार मछली का व्यापार करने लगा था. जिन्ना का परिवार हिंदू था. उनका परिवार लोहानी ठक्कर समाज से था तो समाज के लोगों ने इस मछली कारोबार का विरोध किया. इतिहासकारों का मानना है कि जब मछली के व्यापार का विरोध हुआ तो जेनाभाई ठक्कर के परिवार ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया और खोजा मुसलमान बन गए. यही नहीं यह भी कहा जाता है कि जिन्ना का परिवार तत्कालीन नवाबों के ज़्यादा संपर्क में आया था जिसके चलते उन्होंने धर्म परिवर्तन किया था. इसके बाद ही जिन्ना के मन में इस्लामिक एकता की बात जागी थी. 

2024 में बीजेपी की ओर से कौन होगा पीएम कैंडिडेट, हिमंत बिस्वा सरमा ने दे दिया जवाब  

रिपोर्ट्स के अनुसार मोहम्मद अली जिन्ना के परिवार का यह घर आज भी गुजरात के मोटी पनेली गांव में मौजूद है. मौजूदा समय में इस घर में भले ही एक पटेल परिवार क्यों ना रहता हो लेकिन यह घर आज भी जिन्ना वाले घर के नाम से ज़्यादा जाना जाता है. यह इमारत काफ़ी पुरानी है. इस घर में रहने वाला पटेल परिवार जिन्ना के नाम से तंग आ चुका है. यहां के लोग जिन्ना का नाम सुनना भी नहीं चाहता है क्योंकि हर साल 6 महीने पर कोई ना कोई जिन्ना की पूछताछ करते इस घर पर पहुँच ही जाता है.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement